नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। खास बात यह भी है कि पीएचडी के लिए विवि के संबद्ध कॉलेजों को ही केंद्र बनाया जाएगा। जिस कॉलेज में जितने प्रोफेसर, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसर होंगे, उसी हिसाब से पीएचडी की सीटों का आवंटन होगा।
यूजीसी रेगुलेशन के हिसाब से ही पीएचडी कराई जाएगी। एचएनबी मेडिकल विवि के कुलसचिव प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि पहले प्रवेश परीक्षा होगी। इसके बाद शोधार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद छह माह का कोर्स वर्क होगा। प्रवेश परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया इसी माह शुरू हो जाएगी। संभावित तौर पर जुलाई से पीएचडी की शुरुआत हो जाएगी।