- भवन निर्माण को करीब ढाई वर्ष बीते, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के पद नहीं हुए सृजित
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। डाकपत्थर में 50 बेड के अस्पताल भवन के दो कमरों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है। भवन निर्माण के करीब ढाई वर्ष बीतने के बाद भी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के पद सृजित नहीं किए गए हैं। आवासीय भवन का भी निर्माण नहीं किया गया है। करीब 13.60 करोड़ रुपये की लागत से बना अस्पताल भवन मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार मुहैया करवाने तक सीमित है।
वर्ष 2021 के दिसंबर में स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने डाकपत्थर में 50 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया था। दावा किया गया था कि यहां मरीजों को ट्रॉमा सेंटर और सुपर स्पेशिलिटी की सुविधा का लाभ मिलेगा। वर्ष 2023 के फरवरी माह में अस्पताल का भवन बनकर तैयार हो गया था। तब से करीब ढाई वर्ष बीत गए है लेकिन अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने कार्यभार संभालने के बाद अस्पताल का निरीक्षण किया था। उनके निर्देश पर अस्पताल में चिकित्सकों के पदों के सृजन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। अस्पताल को उप जिला अस्पताल बनाने की तैयारी थी। मौजूदा उप जिला अस्पताल को फिर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील किया जाना था लेकिन शासन की ओर से अब तक चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के पदों के सृजन के लिए मंजूरी नहीं मिल पाई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाकपत्थर का भवन जर्जर हो चुका है। ऐसे में मानसून सीजन से पहले सीएमओ के निर्देश पर पीएचसी को नए अस्पताल भवन के दो कमरों में शिफ्ट कर दिया गया था। 50 बेड के अस्पताल के दो कमरों में मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल रही है।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के पदों के सृजन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के साथ नियुक्ति की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ