प्रदेश के विधानसभा चुनावों में इस बार क्षेत्रीय दलों से ज्यादा तवज्जो नोटा को दी। प्रदेश के कुल एक फीसदी मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। सात विधानसभा सीटों में नोटा दबाने वाले मतदाताओं की संख्या तीसरे स्थान पर रही। थराली विधानसभा सीट में सबसे ज्यादा 1757 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
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विधानसभा चुनाव में करीब 65 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया लेकिन इसमें बड़ी संख्या में ऐसे भी रहे, जिन्हें कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आया। यही कारण है कि सात विधानसभा सीटों पर नोटा दबाने वाले मतदाताओं की संख्या (50408) तीसरे स्थान पर रही। 15 सीटों पर नोटा को चौथा और 20 सीटों पर पांचवां स्थान मिला।
14 विधानसभा सीटों पर नोटा दबाने वाले मतदाता छठवें स्थान पर रहे। वहीं पांच सीटों पर सातवें, एक सीट पर आठवें, तीन सीटों पर नौवें और एक-एक सीट पर दसवें व ग्यारहवें स्थान पर रहे। थराली विधानसभा सीट के बाद बागेश्वर में दूसरा सबसे अधिक नोटा का बटन दबाया गया।
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यहां 1541 मतदाताओं ने नोटा दबाया। लोहाघाट में 1238, लालकुआं में 1216, चंपावत में 1044, कालाढूंगी में 1119, कपकोट में 1116, पिथौरागढ़ में 1072, रुद्रप्रयाग में 1266 और सोमेश्वर में 1089 मतदाताओं को कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आया। वहीं चौबट्टाखाल में सबसे कम 207 मतदाताओं ने नोटा दबाया।
वहीं मंगलौर में 278, लक्सर में 287, देवप्रयाग में 294, रुड़की में 303, भगवानपुर में 349, पिरान कलियर में 350, झबरेड़ा में 373, धर्मपुर में 377 और चकराता में 391 मतदाताओं ने नोटा दबाया।
अल्मोड़ा में 623, बीएचईएल रानीपुर में 517, बद्रीनाथ में 691, बाजपुर में 908, भीमताल में 963, देहरादून कैंट में 641, धनोल्टी में 640, धारचूला में 500, डीडीहाट में 737, डोईवाला में 994, द्वाराहाट में 597, गदरपुर में 758, गंगोलीहाट में 591, गंगोत्री में 933, घनसाली में 995, हल्द्वानी में 655, हरिद्वार में 631, हरिद्वार ग्रामीण में 645, जागेश्वर में 896, जसपुर में 644,
ज्वालापुर में 638, कर्णप्रयाग में 809, काशीपुर में 655, केदारनाथ में 715, खानपुर में 523, खटीमा में 890, किच्छा में 558, कोटद्वार में 459, लैंसडाउन में 485, मसूरी में 634, नानकमत्ता में 808, नरेंद्रनगर में 563, पौड़ी में 693, प्रतापनगर में 556, पुरोला में 762, रायपुर में 548, राजपुर रोड में 697, रामनगर में 887, रानीखेत में 637, ऋषिकेश में 775, रुद्रपुर में 596, सहसपुर में 673, सल्ट में 812, सितारगंज में 580, श्रीनगर में 697, टिहरी में 476, विकासनगर में 466, यमकेश्वर में 988, यमुनोत्री में 424 मतदाताओं ने नोटा दबाया।
केवल नैनीताल में रहा आखिरी
सभी 70 में से 69 सीटों पर नोटा दबाने वालों की संख्या कुछ प्रत्याशियों से ज्यादा रही। केवल नैनीताल विधानसभा सीट पर नोटा दबाने वाले आखिरी स्थान पर रहे। नैनीताल एकमात्र जिला है, जहां नोटा आखिरी स्थान पर रहा। यहां अंतिम व पांचवें स्थान पर रहे प्रत्याशी को 997 वोट मिले, जबकि 899 मतदाताओं ने नोटा दबाया।