विवाह की दावत में फूड प्वॉइजनिंग से पचास से अधिक बाराती बीमार हो गए।
फूड प्वॉइजनिंग से पीड़ित लोगों ने अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया। इनमें तीन गर्भवती महिलाएं और कुछ बच्चे भी शामिल हैं। देहरादून के जीएमएस रोड स्थित एक होटल में शनिवार रात विवाह समारोह की दावत थी।
बारात मोहकमपुर क्षेत्र से आई हुई थी। रात को खाना खाने 9के बाद उल्टी दस्त के साथ लोगों की तबियत बिगड़ने लगी। रात से ही पीड़ितों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। डाक्टरों ने बताया कि दूषित भोजन से उन्हें फूड प्वॉइजनिंग हुआ है।
इस पर लोगों ने रात को होटल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। होटल के प्रबंधक और दूसरे जिम्मेदार कर्मी उस वक्त वहां से जा चुके थे। कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया। इस दौरान आठ साल की एक बच्ची कमरे में सोयी हुई थी। लोगों ने बच्ची को बाहर निकालने के लिए ताला खोलने को कहा, लेकिन कर्मचारियों ने कह दिया कि प्रबंधक के आने तक होटल नहीं खोलेंगे।
हंगामे के करीब दो घंटे बाद बच्ची को कमरे से निकाला गया। रविवार दोपहर भी छह मरीजों का श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में उपचार कराया गया। मरीजों के साथ अस्पताल पहुंची पायल बहल ने बताया कि लड़के पक्ष के रिश्तेदारों में कुछ मरीज बड़कोट, उत्तरकाशी और पहाड़ के अन्य जिलों के थे। उनकी तबियत भी खराब बताई जा रही है, जबकि दूल्हा दुल्हन ने व्रत होने की वजह से भोजन नहीं लिया था।
‘गर्मी में बासी, अत्यधिक मसालेदार और मांस खाने से फूड प्वॉइजनिंग की संभावना बढ़ जाती है। गर्मियों में इससे परहेज करना चाहिए। फूड प्वॉइजनिंग से उल्टी दस्त के साथ बेहोशी भी आती है। बच्चों के मामले में खास एहतियात की जरूरत है।’
- डॉ. एसडी जोशी, वरिष्ठ फिजिशियन दून अस्पताल