सोमवार से शुरू हुई बैंकों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों की इस हड़ताल से देहरादूनवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एटीएम में कैश नहीं होने से लोगों को दिक्कतें हुई।
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इससे पहले सोमवार को प्रदेश भर में विभिन्न बैंकों की 1700 शाखाओं में काम-काज ठप रहा। प्रदेश भर में ढाई सौ करोड़ के नकद लेन-देन पर ताला रहा, लेकिन क्लियरिंग हाउस न लगने से 12 सौ करोड़ की क्लियरिंग प्रभावित हुई।
अकेले दून में सवा सौ करोड़ रुपए की क्लियरिंग फंसी। ड्राफ्ट, बिल न बन पाने, चेक फंस जाने से किसी तरह का कोई लेन-देन न होने से लोग मुश्किल में रहे।
निजी बैंक, एलआईसी, मजदूर संगठन साथ
सार्वजनिक बैंकों के साथ ही निजी बैंकों मसलन एचडीएफसी, आईसीआईसीआई के काम पर भी असर पड़ा। कूर्मांचल, अरबन कोआपरेटिव बैंक, अल्मोड़ा को-आपरेटिव बैंक, नैनीताल बैंक पहले ही हड़ताल को समर्थन की घोषणा कर चुके थे।
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उत्तराखंड ग्रामीण बैंक भी वेतन के मुद्दे पर हड़ताल पर साथ आ गया है। इसकी प्रदेश भर की 25 शाखाओं में से छह को छोड़कर अन्य सभी में काम ठप रहा। एलआईसी, जीआईसी समेत बीएमएस, सीटू जैसे संगठनों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।
एटीम भरे होने के दावे हवा
हड़ताल से ऐन पहले रविवार पड़ जाने की वजह से शनिवार को ही एटीएम में पैसे डलवाए गए। इस वजह से कई जगह एटीएम में दिक्कत रही।
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एस्लेहाल स्थित ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स का एटीएम, सहस्त्रधारा रोड स्थित पीएनबी के एटीएम ने कैश नहीं उगला। कुछ बैंकों के एटीएम की मशीन कैश विदड्राल की कमांड देने पर महज रसीद उगलती रही। डिस्पेंसर मशीन से बाहर नहीं आया।
इसके चलते लोगों को एक बैंक के एटीएम से दूसरे बैंक के एटीएम के चक्कर काटने पड़े। 50 फीसदी कैश आउटसोर्स से भरे जा रहे हैं, जहां बैंकों को खुद कैश डालना था, उनकी हालत खराब रही।
बैंक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बैंक कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोत्तरी की मांग के संबंध में राजपुर रोड स्थित कामर्शियल शाखा पर प्रदर्शन भी किया।
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यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस से जुडे़ हरिओम नारंग के अनुसार एआईबीए की हाल ही में हुई बैठक में वेतन बढ़ोत्तरी का प्रतिशत 10 करने का सुझाव दिया गया था, जो कर्मचारियों को मंजूर नहीं है।
प्रदर्शन करने वालों में सुरेश उपाध्याय, एके जैन, समदर्शी बड़थ्वाल, वीके चौहान, जीएल शाह, पीएन कुकरेती आदि उपस्थित रहे।