हरिद्वार जनपद के भारापुर भौंरी गांव में माता की जोत यात्रा के दौरान भक्तों ने सद्भाव की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे क्षेत्र के लोग तो सराह ही रहे हैं। हमेशा याद भी रखा जाएगा।
मस्जिद से अजान शुरू हुई तो भक्तों ने यात्रा रोक ली। अजान पूरी होने के बाद यात्रा को आगे बढ़ाया। भारापुर भौंरी गांव में माता की जोत यात्रा सकुशल कराना पुलिस-प्रशासन के लिए हर बार चुनौती बना रहता है।
दो पक्ष आमने-सामने आ गए
दो साल पहले इसको लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। बृहस्पतिवार को यात्रा निकलनी थी। पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। जगह-जगह जवान तैनात किए हुए थे।
जोत सुबह नौ बजे मां चंडी देवी मंदिर से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए घोडे़वाली गांव पहुंची। शाम करीब साढ़े चार बजे जैसे ही जोत घोड़ेवाली गांव से भारापुर भौंरी पहुंची तो यहां मस्जिद में अजान हो रही थी।
यात्रा भारापुर रविदास मंदिर पहुंची
उसे सुनकर भक्तों ने यात्रा को वहीं रोक दिया। अजान पूरी होने के बाद यात्रा भारापुर रविदास मंदिर पहुंची। ग्रामीण सुरेशपाल ने कहा कि ईश्वर एक है। सभी का सम्मान करना चाहिए।
बहादराबाद के थानाध्यक्ष आरके सकलानी ने बताया कि पुलिस बल के साथ माता की जोत शाम को भारापुर रविदास मंदिर पहुंची। अगली जोत यात्रा 13 अक्तूबर को निकाली जाएगी।
क्षेत्र के लोगों का आभार जताया
यात्रा सकुशल निपटाने पर पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों का आभार जताया। इस अवसर पर सीओ कनखल चंद्रमोहन सिंह नेगी, तहसीलदार रुड़की ऋषिपाल, शांतरशाह चौकी प्रभारी राजेश कुमार पुलिस जवानों के साथ मौजूद रहे।