जांच के बाद डीएमसी ने दिल्ली के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय को पत्र लिखकर उक्त सेंटर बंद कराने के निर्देश दिए। बावजूद इसके डायग्नोस्टिक सेंटर अभी तक काम कर रहा है। युवक की ओर से दिल्ली के साकेत में उपभोक्ता फोरम में भी परिवाद दायर किया गया है। उधर, युवक ने साकेत (दिल्ली) के एसीपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रति यूएस नगर के एसएसपी को भी भेजी गई है।
जिंदगी से हो गई थी नफरत
युवक का कहना है कि टेस्ट रिपोर्ट में रिजल्ट पॉजिटिव आने पर उसे अपनी जिंदगी से नफरत हो गई थी। परिवार में माता-पिता के अलावा तीन भाई और दो बहने हैं। उसे यह भय सताने लगा था कि उसके कारण परिवार के अन्य सदस्यों को यह बीमारी न लग जाए। इसके कारण उसने आत्महत्या करने का इरादा कर लिया था।
इसी दौरान उसने पैथोलॉजिस्ट सतीश यादव से संपर्क किया। सतीश ने गुड़गांव की पैथोलॉजी के अलावा काशीपुर, जसपुर, रामनगर, हल्द्वानी, ठाकुरद्वारा समेत करीब दर्जन भर अस्पतालों में भी एचआईवी टेस्ट कराया। इन सभी की रिपोर्ट जब निगेटिव आई तो उसे राहत मिली।