सर्दी के तल्ख तेवर से हाई ब्लडप्रेशर और सांस के रोगियों को खतरा बढ़ गया है। बुधवार को भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के इंस्पेक्टर समेत तीन मरीजों की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
इन सभी को सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। वे अस्पताल तक नहीं पहुंच पाए। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मसूरी गए थे प्रशिक्षण में
मसूरी में प्रशिक्षण के लिए आए आईटीबीपी इंस्पेक्टर मतरुत पीरू (55) को छाती में दर्द उठा था। तबियत बिगड़ने लगी तो बुधवार सुबह उन्हें दून अस्पताल लाया गया।
डा. एनएस बिष्ट ने बताया कि पीरू अस्पताल पहुंचे तो उनकी मौत हो चुकी थी। बुधवार सुबह दो और मरीजों की दून अस्पताल पहुंचने के पहले मौत हो गई।
इनकी भी हुई मौत
क्लेमेंटाउन के रहने वाले अशोक कुमार (65) और कारगी के असलम (56) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इनके परिजनों ने बताया कि वे ब्लडप्रेशर के रोगी थे। इसके अलावा अस्पताल में अस्थमा अटैक, ब्रेन अटैक के मरीज भी आ रहे हैं।
दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डा. महावीर सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक, ब्रेन अटैक का लक्षण लेकर तीन-चार मरीज रोजाना आ रहे हैं। सर्दी बढ़ने पर मरीज बढ़ जाते हैं।
शहर के नर्सिंग होम में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डाक्टरों ने बताया कि ओपीडी में एंजाइना की शिकायत लेकर आने वालों रोगियों की तादाद बढ़ी है।