प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक और पार्किंग समस्या को बड़ी चुनौती मानते हैं। सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन(एसडीसी) की ओर से हाल ही में ट्विटर पोल पर किए सैंपल सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे में राय देने वाले 41 प्रतिशत लोगों ने कचरा प्रबंधन को सबसे बड़ी चुनौती माना है, जबकि 30 प्रतिशत ने पार्किंग व ट्रैफिक और शेष 29 प्रतिशत ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट और खराब सड़कों की समस्या बताई।
एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने बताया कि ट्विटर पर सर्वे के माध्यम से शहरी कस्बों की चुनौतियों पर लोगों की राय जानने का प्रयास किया। सवाल किया गया था कि उत्तराखंड में हमारे शहरों और कस्बों में सबसे बड़ी शहरी चुनौती क्या है। कुल 177 लोगों ने अपनी राय दी, जिसमें 41 प्रतिशत लोगों ने कचरा प्रबंधन को सबसे बड़ी चुनौती माना। नौटियाल के अनुसार भले ही सर्वे एक सैंपल के तौर पर था, लेकिन इसके बावजूद हमें एक दिशा दिखती है कि अधिकांश लोगों का मानना है कि इस समय कचरा प्रबंधन पहली चुनौती बन गई है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष ने कहा कि देहरादून, ऋषिकेश, उत्तरकाशी व कई अन्य शहरों और कस्बों में संवेदनशील कचरे की स्थिति को देखते हुए यह आश्चर्य की बात नहीं है। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास राजनेताओं, सरकारों, नागरिकों और व्यवसायियों को समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेंगे। सभी लोग समस्याओं को जानते हैं और इन मुद्दों के बारे में लंबे समय से बात भी कर रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम व्यावहारिक और परिणाम की दिशा में तेजी से काम करें।