इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी तक जाने के लिए पर्यटकों की राह आसान नहीं होगी। घाटी तक जाने वाले पैदल ट्रेक पर घूसाधार में विशाल हिमखंड पसरा हुआ है।
फूलों की घाटी के निरीक्षण के लिए गई नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की टीम हिमखंड के चलते घाटी तक नहीं पहुंच पाई है और शुक्रवार को बैरंग लौट आई है। एक जून को फूलों की घाटी देश-विदेश के पर्यटकों के लिए खुल जाएगी।
जिसे देखते हुए बीती 18 अप्रैल को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वन दरोगा कुंदी लाल आर्य के नेतृत्व में वन कर्मी मनमोहन भंडारी, जय प्रकाश, दर्शन सिंह बत्र्वाल, दौलत सिंह और मनोरी लाल घाटी के निरीक्षण पर गए थे, लेकिन घूसाधार में आए विशाल हिमखंड से पार्क प्रशासन की टीम घाटी तक नहीं जा पा रही है।
बर्फबारी से घाटी को कितना नुकसान हुआ है, राष्ट्रीय पार्क की टीम इसका आकलन भी नहीं कर पा रही है। राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि फूलों की घाटी को खुलने में अभी काफी वक्त है।