क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर दूनवासी अब कभी मैदान पर नहीं दिखाई देंगे।
विदाई के पल ने भावुक कर दिया
शायद इसी सोच ने देहरादून के क्रिकेट प्रेमियों को मास्टर-ब्लास्टर की विदाई के पल ने बेहद भावुक कर दिया। इस बीच सचिन को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा ने प्रशंसकों के गम को कुछ हल्का जरूर किया।
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शनिवार को मैच खत्म होने के बाद एसजीआरआर रेसकोर्स में लिटिल मास्टर क्रिकेट क्लब के खिलाड़ियों ने सचिन की विदाई पर बैनर पर शुभकामना हस्ताक्षर किए।
इस दौरान खिलाड़ी अपने चेहरों पर तिरंगा बनाए हुए थे। उनके चेहरों पर सचिन का नाम झलक रहा था। मास्टर ब्लास्टर की विदाई से हर कोई निराश था और लोगों की आंखें भर आईं।
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अब कभी सचिन को मैदान पर नहीं देख पाएंगे। उनके जैसा खेल और तकनीक किसी की नहीं। उनके खेल को देखते हुए लगता है कि उन्हें अभी संन्यास नहीं लेना चाहिए था।
- लक्ष्य
क्रिकेट के भगवान को टीम इंडिया ने खूबसूरत विदाई दी है। इसके साथ ही सरकार ने उनको भारत रत्न देकर और गौरवान्वित कर दिया।
- अखिलेश
सचिन मैदान पर रहें या नहीं लेकिन वे हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनका खेल शैली आज भी दिमाग में बसी हुई है।
- अभिषेक
देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के लिए सचिन तेंदुलकर से बेहतर कोई नहीं हो सकता। क्रिकेट के मैदान में अपने खेल से उन्होंने भारत को दुनिया में नई पहचान दिलाई है।
- मो. अहमाद
सचिन की विदाई के साथ एक युग का अंत हो गया। सचिन के सम्मान में आज पूरा देश खड़ा था, इसीलिए हम भी उनको छोटा सा सम्मान दे रहे हैं।
- पीयूष
अपने 24 साल के करियर में सचिन में कभी भी अहम नहीं आया। उन्होंने हमेशा बल्ले से आलोचकों को जवाब दिया। वे महान हैं, उनसे मुलाकात मेरे लिए गर्व की बात है।
- नरेंद्र शाह
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