यानी वह देश में किसी भी स्थान से जन सेवा केंद्र के माध्यम से जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकेगा। इसके अलावा सरकार लाइव सर्टिफिकेट के लिए बायोमीट्रिक डिवाइस को भी मान्य करने जा रही है। यानी पेंशनर अपने तय समय पर घर बैठे डिवाइस के माध्यम से जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे।
पिछले कुछ वर्षों में हुए बदलाव से प्रदेश सरकार के पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिली है। पुरानी व्यवस्था के तहत उन्हें एक ही तिथि पर सत्यापन कराने को कोषागारों में आना होता था। इससे कोषागारों में भीड़ जमा हो जाती थी।
बीमार और बुजुर्ग पेंशनरों को भारी दिक्कत होती थी। सरकार नई व्यवस्था की कि जिस माह में पेंशनर सेवानिवृत्त हुआ, उसी माह किसी भी दिन सत्यापन कराया जा सकता है। इसके बाद भी सत्यापन कराने की सुविधा दी गई।
देश में किसी भी जनसेवा केंद्र और बायोमीट्रिक डिवाइस के माध्य से पेंशनर के जीवित होने के सत्यापन की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। इससे पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों का समय बचेगा और उन्हें सुविधा होगी। वे अपने जनपद या प्रदेश से बाहर होने पर भी समय पर अपना सत्यापन करा सकेंगे।
- अरुणेंद्र सिंह चौहान, अपर सचिव वित्त