इस मानक के दायरे में राज्य के करीब 25 लाख श्रमिक आएंगे। केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार श्रम विभाग ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र से योजना की गाइड लाइन मिल चुकी है। एसीसी सर्वे के अनुसार राज्य के करीब 25 लाख श्रमिक योजना के दायरे में आएंगे। सभी जिलों में विभाग ने श्रमिकों का डाटा तैयार करने के लिए काम शुरू कर दिया है।
- आनंद श्रीवास्तव, श्रम आयुक्त
इन क्षेत्रों के श्रमिक ले सकेंगे योजना का लाभ
निर्माण कार्य, कृषि, हथकरघा, उद्योग, रेहड़ी, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, कूड़ा बीनने वाले समेत अन्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को योजना का लाभ मिलेगा। इनका मासिक वेतन व आय 15 हजार या इससे कम है।
ऐसे होगा योजना में पंजीकरण
श्रम विभाग के सभी जिला मुख्यालयों में श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों में श्रमिक शपथ पत्र देकर अपना पंजीकरण करा सकता है। इसमें मासिक वेतन, कार्य क्षेत्र, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। देहरादून जिले में तीन सेंटर, हरिद्वार में दो और अन्य जिलों में एक-एक सेंटर स्थापित है।
कम उम्र वालों को कम, ज्यादा वालों का ज्यादा देने होगा अंशदान
योजना के तहत 18 वर्ष के श्रमिक को महज 55 रुपये मासिक अंशदान देना होगा, जबकि 40 वर्ष के श्रमिक को 200 रुपये अंशदान देना होगा। मतलब साफ है कि जैसे-जैसे श्रमिक की उम्र बढ़ती जाएगी अंशदान का भी बढ़ता जाएगा। वहीं श्रमिक के बराबर ही केंद्र सरकार अंशदान देगी।