सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को लंबित एरियर का भुगतान करने का आदेश जारी कर दिया है।
फिलहाल के 50 प्रतिशत एरियर का भुगतान किया जाएगा। अवशेष एरियर के भुगतान के संबंध में उत्तराखंड सरकार बाद में निर्णय लेगी।
इस निर्णय से राजकीय सेवा के करीब एक लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। एरियर की पहली किस्त के भुगतान से राजकोष पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये का व्ययभार पड़ेगा।
पेंशनभोगी सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के लाभ से वंचित थे
पैसा
- फोटो : Today City
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों पर केंद्र सरकार ने जो निर्णय लिए थे, उनके क्रम में वेतन समिति ने भी अपनी संस्तुति दी थी।
इन संस्तुतियों के अनुसार, एक जनवरी 2016 से पूर्व के राज्य सरकार के पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण किया जाना प्रस्तावित था।
राज्य सेवा के ये पेंशनभोगी सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के लाभ से वंचित थे। प्रदेश सरकार ने उन्हें लाभ देने का निर्णय तो ले लिया था, मगर खराब वित्तीय स्थिति के चलते वह एरियर का भुगतान नहीं कर पा रही थी।
आदेश भी जारी कर दिए
पेंशन
मगर अब शासन ने उन्हें एरियर का भुगतान करने का निर्णय ले लिया है। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने इस आशय के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
जारी आदेश में एक जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों के एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक पुनरीक्षित पेंशन के अवशेष देयता (एरियर) की 50 प्रतिशत धनराशि प्रथम किस्त के रूप में भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।