उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो हालात खराब हुए हैं वो मीडिया की बदौलत हैं। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने से हालात खराब होते हैं। सोशल मीडिया में तमाम तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, इन्हीं अफवाहों की सच्चाई जानने के लिए वे उत्तराखंड आएं हैं।
विधायक ने कहा कि पूरे देश से गुजारिश है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में चल रहा था कि कश्मीरी युवकों को मारा पीटा जा रहा है। इससे बच्चे और उनके अभिभावक डरे हुए हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
उत्तराखंड में बच्चे सुरक्षित हैं, बहुत से कश्मीरी बच्चों का कहना है कि वे यही रहना चाहते हैं, लेकिन जो यह सोचते हैं कि उन्हें डर लगता है वे कश्मीर चल सकते हैं। विधायक ने कहा कि कश्मीर के हालात से दूर वहां के बच्चे सकून के साथ यहां पढ़ने आए हुए हैं। यदि यहां और वहां दोनों जगह माहौल ठीक नहीं मिलेगा तो बच्चे कहां जाएंगे।