फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: पीडीएफ ने मांगी राज्यसभा सीट, कहा 'कांग्रेस पूरा करे अपना फर्ज'

Sun, 22 May 2016 04:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
पीडीएफ नेता मंत्री प्रसाद नैथानी - फोटो : AmarUjala
विज्ञापन
उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार की सहयोगी पीडीएफ ने फ्लोर टेस्ट में मदद करने के बदले कांग्रेस से राज्यसभा सीट की मांग की है। पीडीएफ का कहना है कि उसने कांग्रेस की संकट के समय में मदद की थी ऐसे में कांग्रेस का फर्ज बनता है कि वह राज्यसभा के लिए उनका समर्थन करे।
विज्ञापन


उत्तराखंड में राज्यसभा सांसद तरुण विजय का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इस सीट से कांग्रेस के कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी के नामों की चर्चा भी चल रही थी। वहीं प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की ओर से स्थानीय सांसद की मांग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का नाम भी सामने आया।

पीडीएफ में भी अंदरखाने राज्यसभा सीट के लिए मांग उठने की सूचना आई थीं लेकिन सार्वजनिक तौर पर पीडीएफ ने ऐसी कोई मांग नहीं की।

'हमने कांग्रेस का सम्मान बचाया, कांग्रेस भी दे सम्मान'

सियासी संकट के दौरान हरीश रावत के साथ पीडीएफ नेता मंत्री प्रसाद नैथानी - फोटो : फाइल फोटो
जैसे-जैसे राज्यसभा सीट के लिए चुनाव करीब आता जा रहा है अब पीडीएफ भी अपने पत्ते खोलने लगी है। पीडीएफ नेताओं का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि कांग्रेस भी मदद के बदले अपना फर्ज पूरा करे।

पीडीएफ के एक विधायक ने कहा कि हमने हरीश रावत की मदद करके उनका सम्मान बचाया। अब हमारी भी इच्छा है कि कांग्रेस हमारा सम्मान करे। कांग्रेस को हमें राज्यसभा भेजकर सम्मानित करना चाहिए।

हालांकि राज्यसभा के लिए प्रत्याशी कौन होगा पीडीएफ ने यह नहीं बताया है। यह भी कहा जा रहा है कि फ्लोर टेस्ट के पहले ही पीडीएफ की इस मुद्दे पर कांग्रेस से बाद हो चुकी थी। पीडीएफ ने उसी के तहत अब यह मांग उठाई है।
विज्ञापन

सियासी संकट के दौरान पीडीएफ खड़ी रही कांग्रेस के साथ

हरीश रावत और मंत्री प्रसाद नैथानी - फोटो : फाइल फोटो
गौरतलब है कि कांग्रेस के नौ विधायकों के बागी हो जाने के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति डगमगाने वाली हो गई थी। इसी बीच राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। उधर भाजपा ने राज्य में सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी थीं।

लेकिन इन सब हालातों के बीच भी पीडीएफ ने कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा। पीडीएफ के सभी विधायक हरीश रावत के समर्थन में खड़े रहे। यही वजह रही कि जब फ्लोर टेस्ट हुआ तो हरीश रावत ने आसानी से बहुमत साबित कर लिया। इस बीच भाजपा के नेताओं ने भी पीडीएफ को अपनी तरफ लाने की कोशिश की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें