एनएच-74 में हुए भूमि मुआवजा घोटाले में मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह की गिरफ्तारी में नाकाम एसआईटी ने साक्ष्यों के आधार पर अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और काश्तकारों पर शिकंजा कस दिया है।
एसआईटी ने देहरादून से पीसीएस अफसर के साथ ही जसपुर से दो कर्मचारियों और दो किसानों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा काशीपुर निवासी एक युवक को भी हिरासत में लिए जाने की चर्चा है। अफसर, कर्मचारी और काश्तकारों को अचानक हिरासत में लेने से खलबली मची है। एसआईटी इन सभी को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की बात कह रही है।
अंदेशा जताया जा रहा है कि गहन पूछताछ के बाद एसआईटी सभी की गिरफ्तारी दिखा सकती है। एसआईटी ने देहरादून पहुंचकर निलंबित चल रहे जसपुर के तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया को हिरासत में ले लिया। निलंबित चल रहे दूसरे पीसीएस अफसर एनएस नगन्याल देहरादून स्थित सरकारी आवास पर नहीं मिले।
इसके बाद टीम ने जसपुर तहसील कार्यालय के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी रामसमुझ, संग्रह अमीन अनिल कुमार को हिरासत में ले लिया। ग्राम गढ़ी हुसैन के निवासी काश्तकार ओमप्रकाश और चरन सिंह को भी टीम ने हिरासत में लिया है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद टीम इनकी गिरफ्तारी भी दिखा सकती है। हालांकि अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। काशीपुर अल्लीखां निवासी दिसान पुत्र जलाल अहमद को भी एसआईटी ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी के छापे के बाद रजिस्ट्रार दफ्तर में कमीशन एजेंट इस युवक को परिजनों ने ही स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि युवक को एसआईटी के सुपुर्द कर दिया गया है।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि देहरादून से पीसीएस अफसर भगत सिंह फोनिया के अलावा जसपुर तहसील के दो कर्मचारी और दो काश्तकारों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
डाक्टर के साथ आ रहे फोनिया
निलंबित चल रहे पीसीएस अफसर भगत सिंह फोनिया बीमार हैं। इसी वजह से वह शुक्रवार को एसआईटी के समक्ष पेश नहीं हो सके थे। रविवार को जब एसआईटी की टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो उन्होंने बीमारी का हवाला दिया था। बताया जा रहा है कि फोनिया अपने डाक्टर के साथ एसआईटी के साथ रुद्रपुर आ रहे हैं।
पूछताछ में आ रहे थे तो हिरासत की जरूरत क्यों
भूमि मुआवजे के घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के बुलाने पर अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकार पूछताछ के लिए पहुंच रहे थे। ऐसे में अचानक टीम को आरोपों की जद में आ रहे अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकारों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेना गले नहीं उतर रहा। माना जा रहा है कि एसआईटी ने उक्त आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटा लिए हैं। डीपी की तरह भ्ूमिगत होने की आशंका के चलते एसआईटी ने इन्हें हिरासत में लिया है। देर सवेर एसआईटी इनकी गिरफ्तारी दिखा ही देगी।