इसके लिए आरक्षण का लाभ केवल उत्तराखंड राज्य के स्थायी नागरिकों के लिए ही लागू होगा। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की श्रेणी का दावा करने वाले अभ्यर्थी किसी अन्य श्रेणी परिवर्तन का दावा प्रस्तुत नहीं कर सकेंगे।
इसके साथ ही यदि कोई अभ्यर्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की श्रेणी का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया तो आयोग की ओर से ऐसे अभ्यर्थियों का आवेदन निरस्त किया जाएगा। इसकी प्रारंभिक परीक्षा के लिए संभावित तिथि 12 मई 2019 निर्धारित की गई है। इस संबंध में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से वेबसाइट पर सूचना जारी कर दी गई है।
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