एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि पहले तो एक रुपया कटा, लेकिन बातचीत के दौरान ही खाते से 45 हजार रुपये निकलने का मेसेज आ गया। पीड़ित ने विरोध करते हुए बाकी रकम वापस करने को कहा तो आरोपी ने रकम को आईसीआईसी बैंक अकाउंट में स्थानांतरित करने की नई कहानी गढ़ दी।
कहा कि आईसीआईसी बैंक से जुड़ी जानकारी डालने के बाद रकम वापस हो पाएगी। पीड़ित ने 45 हजार बचाने को ऐसा ही किया तो खाते से चार लाख रुपये और निकल गए। पीड़ित को जब तक ठगी का पता चला काफी देर हो चुकी थी। पीड़ित की तहरीर पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मोबाइल और खाते से जुड़ी जानकारी जुटाकर आरोपी का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।