अंधे माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर श्रवण कुमार ने तीर्थयात्रा कराई थी। ठीक उसी तर्ज पर यूपी के सीतापुर जिले के पवन कुमार भी अपने बुजुर्ग दादा और विकलांग मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार में तीर्थयात्रा कराने आए हैं।
बृहस्पतिवार को पवन कुमार ने हरकी पैडी़ पर उन्हें गंगा स्नान कराने के बाद करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित मां मंसा देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना कराई। शुक्रवार को वे चंडीदेवी मंदिर जाने के बाद अपने गांव लेकर जाएंगे।
सीतापुर जिले के गांव चांदपुर निवासी रामनरेश के चार बेटों में सबसे बड़ा पवन कुमार बीस साल का है। संवेदनशील पवन ने कुछ दिन पहले अपने 85 साल के दादा बसंतलाल को कंधे पर बैठाकर तीर्थयात्रा कराने की सोची। उसने गांव में ही दो बड़ी टोकरियों वाली कांवड़ तैयार कराई।
इसमें एक तरफ दादा और दूसरी तरफ बैलेंस बनाने के लिए उनके वजन के बराबर गेहूं का बोरा भरकर बुधवार को हरिद्वार पहुंचा। इस यात्रा के लिए पवन के पिता राजकुमार, माता जया देवी, तीनों छोटे भाई सूरज, दीपक और करण तथा गांव के कुछ और लोग भी हरिद्वार आए। यहां आकर पवन कुमार का मन बदल गया। उसकी मां जया देवी विकलांग हैं जो चलकर मंसा देवी तथा चंडी देवी जैसे मंदिरों में दर्शनों के लिए नहीं जा सकती। उसने पिता से बात की और तय किया कि एकतरफ दादा को तथा दूसरी तरफ मां जया देवी को बैठाकर यात्रा करेगा।