2020 में वन आरक्षी भर्ती नकल का हुआ था खुलासा
वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड (वन आरक्षी) की 2020 में हुई भर्ती परीक्षा में भी संगठित तरीके से नकल कराई गई थी। रुड़की के एक कोचिंग सेंटर संचालक ने कुछ अभ्यर्थियों को डिवाइस देकर पेपर देने के लिए भेजा था। बाहर से कोचिंग सेंटर से जुड़े लोगों ने अभ्यर्थियों को सवालों के जवाब बताए थे। इस मामले में एसटीएफ ने रुड़की और पौड़ी में मुकदमे दर्ज कराए थे। जांच में पता चला था कि अभ्यर्थियों से पांच से आठ लाख रुपये तक लिए गए थे।
देहरादून: 31 अभ्यर्थियों को बिहारीगढ़ के फार्म हाउस में कराया पेपर हल
एसटीएफ की जांच में अब तक 36 अभ्यर्थियों को पेपर हल कराए जाने की बात सामने आई है। इनमें से पांच अभ्यर्थियों को रामकुमार ने अपने रिश्तेदार के घर लक्सर में पेपर हल कराया। जबकि, 31 अभ्यर्थियों को बिहारीगढ़ के शिवालिक ब्रिक्स नाम के फार्म हाउस ले जाया गया था। सभी अभ्यर्थियों को यहां छह जनवरी की शाम को ले जाया गया। इसके बाद सात जनवरी शाम को सभी अपने-अपने वाहनों से घर चले गए। अगले दिन सभी अपने-अपने सेंटरों पर पेपर देने चले गए। एसटीएफ के अनुसार अन्य अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। हो सकता है कि इसमें और भी अभ्यर्थी शामिल हों।
क्या कब हुआ
- 08 जनवरी को पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित हुई।
- 10 जनवरी को एसटीएफ को एक गोपनीय शिकायत मिली।
- 11 जनवरी की रात एसटीएफ लक्सर में राजपाल के घर पहुंची और उसे हिरासत में लिया।
- 12 जनवरी को आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी और अन्य तीन को भी गिरफ्तार कर लिया।
- पूछताछ में पता चला कि पांच जनवरी को संजीव ने आयोग से सवालों वाले पेपर को चुराया था।