एसटीएफ पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में गणेशपुर निवासी मनीष की कुंडली खंगाल रही है। वहीं पनियाला निवासी युवक से पूछताछ के बाद कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर एसटीएफ ने उसे छोड़ दिया है। दूसरी ओर स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग शहर से देहात तक के कोचिंग सेंटरों की सूची तैयार कर रहा है।
पेपर लीक मामले में दून एसटीएफ ने रुड़की के पनियाला और गणेशपुर निवासी दो युवकों को भी शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एसटीएफ को आशंका थी कि दोनों ही युवकों ने पेपर हल कराया होगा और उनके संपर्क में कई छात्र थे।
पुलिस ने दोनों से गहनता से पूछताछ की तो गणेशपुर निवासी मनीष के पेपर लीक मामले में होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में पता चला कि उसके संपर्क में कई छात्र थे जबकि पूछताछ और जांच के बाद पनियाला निवासी युवक के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले। इस पर एसटीएफ ने उसे छोड़ दिया है।
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अब एसटीएफ मनीष के संपर्क में रहने वाले कोचिंग के छात्रों और परिचितों की जानकारी जुटा रही है। एसटीएफ को आशंका है कि मनीष के संपर्क में कई छात्र रहे होंगे। उधर, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग कोचिंग सेंटरों और इनमें पढ़ने वालों की सूची तैयार कर रही है ताकि भविष्य में अगर फिर से ऐसा कुछ होता है तो पहले से ही इनकी पूरी जानकारी पुलिस व खुफिया विभाग के पास हो और त्वरित जांच कर कार्रवाई की जा सके।