चुनिंदा अभ्यर्थियों से संपर्क किया, जो पैसे दे सकते थे
आरोपियों ने इसलिए उसने उन्हीं चुनिंदा अभ्यर्थियों से संपर्क किया, जो पैसे दे सकते थे। इसके बाद उसने अपने खास जानने वाले संजीव जो अस्पताल में काम करता था, उससे और रिश्ते में चाचा लगने वाले रामकुमार से संपर्क किया। खास बात यह रही कि प्रश्नों को सॉल्व करने के लिए उन्होंने किसी विशेषज्ञ की मदद नहीं ली। खुद ही गूगल और अन्य माध्यमों से अभ्यर्थियों को पेपर सॉल्व कराया। ताकि, ज्यादा हो हल्ला न हो।
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