उन्हें सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। जिसमें पंजीकरण शुल्क, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सिटी स्कैन, ब्लड और शुगर जांच, एक्स-रे समेत अन्य जांचें शामिल होंगी। जबकि जिन लोगों के पास कार्ड नहीं है, उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी।
प्रदेश में 31 लाख लोगों के बन चुके कार्ड
प्रदेश में अब तक अटल आयुष्मान योजना के तहत 31 लाख लोगों के हेल्थ कार्ड बनाए गए हैं। जिसमें 44 हजार 460 लोगों ने योजना में अपना इलाज कराया है। इन पर करीब 45 करोड़ की धनराशि खर्च हुई है। माना जा रहा है कि ओपीडी में इलाज की सुविधा मिलने से प्रदेश में कार्ड धारकों की संख्या 50 से 60 लाख तक पहुंच सकती है।
अटल आयुष्मान योजना में कार्ड धारकों को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में इलाज की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।
- नितेश कुमार झा, सचिव, स्वास्थ्य विभाग