मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी होने के बाद भी रैगिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्डन से लेकर अन्य जिम्मेदार लोग छात्रावास पर पूरी तरह नजर नहीं रख रहे हैं।
रैगिंग के मामले मेडिकल कॉलेज में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले वर्ष भी रैगिंग के दो मामले सामने आए थे। रैगिंग की शिकायत सीधे यूजीसी में भी की जा सकती है। बता दें कि पिछले वर्ष छात्रों ने रैगिंग को लेकर एंटी रैगिंग कमेटी पर भरोसा नहीं जताया था और सीधे यूजीसी में शिकायत की थी। यूजीसी में शिकायत होने के बाद मामले की जांच हुई थी। हालांकि जांच पूरी होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन रैगिंग रोकने को लेकर फिर निष्क्रिय हो गया।
रैगिंग हो तो यहां करें शिकायत
यूजीसी की हेल्पलाइन : 18001805522
रैगिंग की अब तक की शिकायतें
11 सितंबर : मेडिकल कालेज, हल्द्वानी।
8 सितंबर : जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज, पौड़ी गढ़वाल।
3 सितंबर : आईआईटी रुड़की।
26 अगस्त : दून बिजनेस स्कूल।
20 अगस्त : क्वांटम यूनिवर्सिटी रुड़की।
04 अगस्त : डिपार्टमेंट आफ फार्मास्युटिकल्य साइंस, कुमाऊं विवि।
28 मई : ग्राफिक ऐरा, भीमताल।
28 मई : रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।
19 अप्रैल : देहरादून इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।
07 अप्रैल : दून यूनिवर्सिटी देहरादून।
01 अप्रैल : श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, देहरादून।
30 मार्च : यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून।
20 फरवरी : लॉ कालेज देहरादून।
नोट : पिछले वर्ष यूजीसी वेबसाइट पर दर्ज शिकायतें।