Iअंग प्रत्यारोपण के लिए एक अस्पताल के इन्कार के बाद मरीज की फाइल हस्ताक्षर के लिए वापस दून अस्पताल भेजी गई है। फाइल पर कमेटी के दो सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं। यह दिक्कत कमेटी में एक सदस्य के नामित नहीं होने से आ रही है।
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Iदरअसल, उत्तराखंड स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटी का जनवरी में गठन हुआ था। कमेटी में छह सदस्यों को तो नामित कर लिया गया, लेकिन अभी तक शासन से कमेटी का सदस्य नामित नहीं हो पाया है। इससे अंग ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। इससे उन्हें दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। एक मरीज की फाइल में पांच चिकित्सक सदस्यों के हस्ताक्षर के बाद उसके अंग प्रत्यारोपण के लिए जौलीग्रांट के एक अस्पताल भेजा गया था, लेकिन चिकित्सक ने यह कहते हुए प्रत्यारोपण से इन्कार कर दिया कि इसमें शासन और निदेशालय के नामित सदस्य के हस्ताक्षर नहीं हैं।
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Iइस पर उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कमेटी के छह सदस्य नामित किए जा चुके हैं। शासन से भी बहुत जल्द सदस्य को नामित कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है।I