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उत्तराखंड: प्रदेश में जल्द खुलेंगे दो आवासीय संस्कृत महाविद्यालय, पतंजलि करेगा संचालन

Tue, 26 Jun 2018 12:53 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे
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प्रदेश में पतंजलि के सहयोग से दो आवासीय संस्कृत महाविद्यालय खोले जाएंगे। एक विद्यालय कुमाऊं के रुद्रपुर और दूसरा गढ़वाल के पौड़ी में खोला जाएगा। दोनों महाविद्यालयों में एक-एक हजार छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा बदहाल पड़े चार अन्य संस्कृत विद्यालयों का संचालन भी पतंजलि योगपीठ करेगी।

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सोमवार को सचिवालय में संस्कृत शिक्षा की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण भी शामिल रहे। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि रुद्रपुर के एएन झा इंटर कॉलेज को आवासीय संस्कृत महाविद्यालय के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा पौड़ी में भी जगह चिह्नित कर आवासीय संस्कृत महाविद्यालय बनाया जाएगा, जहां एक-एक हजार बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षकों की वेतन समेत अन्य समस्याओं के समाधान की भी योजना तैयार की जा रही है।

आचार्य बालकृृष्ण ने कहा कि दोनों आवासीय विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा चार मौजूदा विद्यालयों को भी बेहतर बनाया जाएगा। बाद में उन विद्यालयों को भी आवासीय में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार से मंजूरी मिलते ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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नया पाठ्यक्रम भी बनेगा

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हम जुड़ेंगे तो बच्चे आएंगे
संस्कृत को लेकर छात्रों का रुझान कम होने के सवाल पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि के जुड़ने के बाद यह समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि संस्कृत को रोजगार से जोड़कर अधिक से अधिक छात्रों को सक्षम बनाने पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके गुरुकुलम में 150 सीटों के लिए एक हजार से ज्यादा बच्चों ने आवेदन किया है। इन सब बच्चों को सरकारी आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा।

फिर मत कहना पांडेय ने गेम कर दिया
पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि अगर किसी के पास इससे बेहतर कोई प्लान है तो मेरे पास लेकर आएं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भी अगर बेहतर प्लान के साथ किसी दूसरी संस्था को लेकर आएं, जो हमारी शर्तों पर काम करने को तैयार हो, तो उसे काम दे दिया जाएगा। किसी को ला सकते हो तो जल्दी ले आओ, वर्ना फिर मत कहना कि पांडेय ने गेम कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे में किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए।

नया पाठ्यक्रम भी बनेगा
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। संस्कृत की पढ़ाई करने के बाद छात्रों के पास रोजगार के अधिक अवसर हों, इसके लिए सभी संभावित बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है।
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