बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंच पर मौजूदगी में अतिथियों का स्वागत कर रहे बाबा रामदेव ने अपने पुराने दिनों की याद ताजा की। बाबा रामदेव संबोधन करते हुए संघर्ष के दिनों की यादों में खो गए।
बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने करीब 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। इसी दौर में आचार्य बालकृष्ण जैसे साथी मिले गुरुजनों के आशीर्वाद से अभावों, परेशानियों और चुनौतियों के बीच आगे बढ़े। योग, आयुर्वेद और स्वदेशी को लेकर आंदोलन चलाया।
उन्होंने कहा कि आज सभी की शुभकामनाओं का परिणाम है कि पतंजलि योगपीठ में करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है और करीब एक करोड़ किसानों को पतंजलि योगपीठ ने जोड़ा है। उन्होंने दावा किया कि अगले पांच साल में पांच लाख लोगों को रोजगार देंगे और करीब एक करोड़ किसानों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत तभी समृद्ध बन सकेगा जब दो तरह की दरिद्रता दूर होगी। उन्होंने वैचारिक दरिद्रता और आर्थिक दरिद्रता को दूर करने की बात कही। वहीं भारत के पुनरुद्धार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत और विकसित भारत का निर्माण करने में मोदी जी जो भी यज्ञ रूपी प्रयास कर रहे हैं उनमें एक आहुति पतंजलि योगपीठ की जरूर पड़ेगी। मोदी ने हाथ जोड़कर उनके प्रति कृतज्ञता की।