आंचल डेरी में स्थापित गोमूत्र शोधन प्लांट को पुनर्जीवित किया जाएगा। यहां शोधित गोमूत्र को योग गुरु रामदेव की फर्म पतंजलि आयुर्वेद खरीदेगी। इसके लिए शासन स्तर पर पतंजलि के साथ एमओयू (अनुबंध) किया जा रहा है।
बदहाली के दौर से गुजर रही आंचल डेरी को ढर्रे पर लाने के लिए गोमूत्र शोधन प्लांट को पुन: चालू किया जा रहा है। आंचल डेरी में लगभग सात साल पूर्व गोमूत्र शोधन प्लांट लगाया गया था। आंचल डेरी (गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि.) पशुपालकों से 6 रुपये प्रति लीटर के दर से गोमूत्र खरीदती थी।
शोधन के बाद अर्क को लगभग 25 रुपये लीटर की दर से बेचा जाता था। पंतजलि आयुर्वेद ने इसे लगभग डेढ़ साल तक खरीदा। इसके बाद अचानक प्लांट बंद कर दिया गया। हाल में मौजूदा सरकार ने सहकारी दुग्ध संघ के माध्यम से पतंजलि आयुर्वेद को गोमूत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इसे देखते हुए आंचल डेरी श्रीनगर में स्थित गोमूत्र शोधन प्लांट की सुध ली जा रही है। श्रीनगर पहुंचे डेरी विकास विभाग के संयुक्त निदेशक जयदीप अरोड़ा ने बताया कि प्लांट को ठीक किया जा रहा है। इसके लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। सितंबर माह से प्लांट काम करने लगेगा। प्लांट में देशी और इससे मिलती-जुलती प्रजाति की गायों का मूत्र शोधन किया जा रहा है। जल्दी शासन स्तर पर पतंजलि के साथ एमओयू साइन होगा।