हाईकोर्ट की डबल बेंच ने तत्काल सभी संस्थाओं को बढ़ा शुल्क वापस लेने के निर्देश दिए, लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया। इससे परेशान विभिन्न आयुर्वेदिक और होम्योपैथी कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने बृहस्पतिवार को देहरादून में उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जब पतंजलि आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राएं बृहस्पतिवार रात वापस लौटे तो उन्हें कॉलेज के अंदर नहीं आने दिया गया।
उनसे यह पूछा गया कि वह किसकी अनुमति से दून गए थे। छात्रों ने बताया कि वे प्रधानाचार्य डीएन शर्मा से मौखिक अनुमति लेकर गए थे। पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति कॉलेज से बाहर गए छात्र-छात्र छात्राओं के लिए वाल्मीकि धर्मशाला में रहने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वे गेट के बाहर रातभर बैठे रहे। पुलिस प्रशासन के समझाने पर भी वे हॉस्टल में जाने की जिद पर अड़े रहे।
कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित कमेटी छात्र-छात्राओं की गलती का संज्ञान लेगी और कमेटी के निर्णय के बाद ही आगे सोच-विचार किया जाएगा। सभी छात्र-छात्राओं के भविष्य का ध्यान रखते हुए उनके परिजनों के साथ वार्ता के लिए बुलाया गया है। मामले में कॉलेज का पक्ष जानने के लिए कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं हो पाई।