इसके बाद आनन फानन में उन्हें एम्स ऋषिकेश लाया गया। यहां मौजूद पतंजलि संस्थान की ओर से मीडिया कोआर्डिनेटर विमल कुमार ने बताया कि संभवत: आचार्य बालकृष्ण को फूड प्वाइजनिंग के कारण गैस की समस्या हुई है। फिलहाल एम्स निदेशक प्रो. रविकांत की निगरानी में आचार्य बालकृष्ण का उपचार चल रहा है।
आचार्य बालकृष्ण को शाम करीब 4 बजे एंबुलेंस से एम्स लाया गया। भर्ती करने से पहले एम्स प्रशासन ने इमरजेंसी में पूरी तैयारियां कर ली थी। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत सहित चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रहृमप्रकाश सहित दर्जन भर चिकित्सक मौके पर मौजूद रहे।
इस दौरान आचार्य बालकृष्ण की सुरक्षा में तैनात कमांडो और निजी सुरक्षा जवानों ने पूरे इमरजेंसी हॉल को अपने घेरे में ले लिया। इमरजेंसी में भर्ती करने के कुछ ही देर बाद आचार्य बालकृष्ण की एमआरआई जांच करवाई गई।
शुक्रवार देर शाम ऋषिकेश एम्स प्रशासन की ओर से जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन के बाद योग गुरु स्वामी रामदेव ने वीडियो जारी कर कहा कि आचार्य बालकृष्ण पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कोई सजन्न आचार्य बालकृष्ण से उनके दफ्तर में मिलने आए थे।
वह व्यक्ति श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर पेड़े लेकर आया। उनके आग्रह पर आचार्य बालकृष्ण ने एक पेड़ा खा लिया। इसके बाद उनको चक्कर आने लगा और उल्टी भी हुई, जैसा कि फूड प्वाइजनिंग से होता है। लेकिन चिकित्सकों ने पूरी स्थिति को बेहतर तरीके से कवर किया और अब आचार्य बालकृष्ण पूरी तरह स्वस्थ हैं। स्वामी रामदेव ने कहा कि उन्होंने आचार्य जी से करीब पांच मिनट बातचीत भी की।
इसी वीडियो में एम्स के डायरेक्टर डॉ. रविकांत ने भी मेडिकल जांच का हवाला देते हुए बताया कि आचार्य बालकृष्ण की बीपी, एमआरआई, ईसीजी समेत अन्य जांच नॉर्मल हैं और खतरे की कोई बात नहीं है। कुछ समय में वे पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे।
दूसरी तरफ हरिद्वार से बड़ी संख्या में संत एम्स पहुंचे और आचार्य बालकृष्ण की कुशल क्षेम जानी। स्वामी हरिचेतनानंद, महंत रघु मुनि महाराज, महंत प्रेमदास महाराज, महंत निर्मल दास महाराज, दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, स्वामी दिव्यानंद महाराज, ऋषि राम कृष्ण महाराज, स्वामी कमल दास महाराज आदि ने उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की।