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इस गुफा में जाने से मिलेगा चार धामों का पुण्य

Wed, 06 Nov 2013 09:46 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के गंगोलीहाट के गांव भुवनेश्वर में पाताल भुवनेश्वर गुफा स्थित है। यह गुफा पिथौरागढ़ जिले में मौजूद है।
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इस वीकेंड आप यहां जाकर अनोखा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। मान्यता है कि यहां प्रार्थना करने पर चार धाम यात्रा करने का पुण्य प्राप्त होता है।

तैंतीस करोड़ देवता विद्यमान
पौराणिक कथा और लोकगीतों में इस भूमिगत गुफा के बारे में कहा जाता है कि यहां भगवान शिव और तैंतीस करोड़ देवता विद्यमान हैं। यह गुफा प्रवेश द्वार से 160 मीटर लंबी और 90 फीट गहरी है।

यहां चूने के पत्थरों से कई तरह की आकृतियां बनी हुई हैं। इस गुफा में बिजली की व्यवस्था भी है। पानी के प्रवाह से बनी यह गुफा केवल एक गुफा नहीं है, बल्कि गुफाओं की एक श्रृंखला है।
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इस गुफा की खोज राजा ऋतुपर्णा ने की थी। जो सूर्य वंश के राजा थे और त्रेता युग में अयोध्या पर शासन करते थे। यह स्कंद पुराण के ' मानस खंड ' में वर्णित किया गया है कि आदि शंकराचार्य ने 1191 ई. में इस गुफा का दौरा किया था. यही पाताल भुवनेश्वर में आधुनिक तीर्थ इतिहास की शुरुआत हुई थी।

एक हजार पैर वाला हाथी
गुफा के अंदर जाने के लिए लोहे की जंजीरों लगी हुईं है। गुफा में शेष नाग को पृथ्वी पकड़े देखा जा सकता है। इसके साथ ही यह एक शिवलिंग है जो लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। कहा जाता है कि जब यह शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा, तब दुनिया खत्म हो जाएगी। इस गुफा में एक हजार पैर वाला हाथी भी बना हुआ है।
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यह माना जाता है कि यह गुफा कैलाश पर्वत पर जाकर खुलती है। यह भी माना जाता है कि युद्व के बाद पांडवों ने अंतिम यात्रा से पहले इसी गुफा में तप किया था।

कहां रुके
आप पिथौरागढ़ स्थित इन होटलों में रुक सकते हैं- पाइन रिजोर्ट, होटल उत्तराखंड कौसानी, द पाताल रिजोर्ट आदि।

कैसे जाएं
देहरादून से पाताल भुवनेश्वर की दूरी 223 किमी. है। आप रोजवेज बस, टैक्सी या फिर अपने वाहन से पाताल भुवनेश्वर जा सकते हैं। यह है पाताल भुवनेश्वर जाने का रूट- देहरादून- हल्द्वानी- अल्मोड़ा- बाड़ेछीना- धौलछीना- सेराघाट- राईंआगर- गांगोलीहाट- गुप्तड़ी- पाताल भुवनेश्वर।
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