भारतीय सैन्य अकादमी के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करने वालों में सर्वाधिक 63 कैडेट उत्तर प्रदेश के हैं। वहीं, उत्तराखंड के 33, हरियाणा के 49, बिहार के 35,पंजाब के 29, हिमाचल प्रदेश व महाराष्ट्र के 22-22, राजस्थान के 20, जम्मू-कश्मीर के 17, मध्य प्रदेश के 14, पश्चिम बंगाल के 12, तमिलनाडु के 09, कर्नाटक व झारखंड के 8-8, मणिपुर व दिल्ली के 7-7, केरल के 05, आंध्र प्रदेश के 03, तेलंगना व असम के चार-चार, उड़ीसा के तीन, मिजोरम व चंडीगढ़ के 2-2, गुजरात, छत्तीसगढ़, मेघालय, नागालैंड व त्रिपुरा के एक-एक कैडेट परेड का हिस्सा बने। विदेशी कैडेटों में अफगानिस्तान के सर्वाधिक 45, तजाकिस्तान के 13, भूटान के 09, लेसोथो के तीन, तंजानिया के 2, नाइजीरिया व किर्गिस्तान के एक-एक कैडेट शामिल हुए।
इन्हें मिले मेडल
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर : एकेडमिक कैडेट एडजुडेंट सचिन कुमार चाहर
गोल्ड मेडल : बटालियन अंडर ऑफिसर आदित्य निखरा
सिल्वर मेडल : बटालियन अंडर ऑफिसर आतीश सहगल
ब्रांज मेडल : सीनियर अंडर ऑफिसर कुलदीप नानासाहेब पवार
टीजीसी सिल्वर मेडल : जूनियर अंडर आफिसर रोहित दिलीप पटवर्धन
फॉरेन जीसी सिल्वर मेडल : सीनियर अंडर आफिसर बुखोरी सैय्यदुलोव
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर : मैकटिला कंपनी, थिमैय्या बटालियन