माल रोड स्थित रोप-वे में स्थानीय प्रशासन की देखरेख में विभिन्न विभागों की ओर से मॉक ड्रिल की गई। माॅक ड्रिल के दौरान रोप-वे को बीच पहाड़ी पर रोका गया। एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से रोप-वे से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।
रोप-वे में सुबह साढ़े छह बजे माॅक ड्रिल अभ्यास में स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, लोनिवि, जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों की टीमें शामिल रहीं। सभी विभाग रेस्क्यू उपकरणों के साथ गनहिल पहुंचे। उसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों के साथ चार अन्य लोगों को रोप-वे में भेजा गया। रोप-वे को बीच पहाड़ी में रोक कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीम ने चारों लोगों को रोप-वे से सुरक्षित निकालने के लिए अभ्यास किया। रोप-वे से निकाले गए लोगों में एक को अस्पताल भेजने का अभ्यास भी किया गया। इस बीच घंटाघर के पास जाम लगने से एंबुलेंस फंस गई और पांच किलोमीटर का सफर करीब 21 मिनट में तय कर पाई।
एनडीआरएफ की 15वीं वाहनी के सहायक सेनानी अजय पंत ने कहा कि गनहिल पर माॅक ड्रिल किया गया। जिसमें भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या रोप-वे में यात्रियों के फंसने पर कैसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है, विभिन्न विभागों के साथ इसका अभ्यास किया। इस तरह के अभ्यास अपनी तैयारियों को परखने के लिए बेहद जरूरी हैं। एसडीएम डाॅ. दीपक सैनी ने बताया कि आपदा की दृष्टि और पर्यटन सीजन में व्यवस्थाओं को परखने के लिए विभिन्न विभागों ने संयुक्त से माॅक ड्रिल किया। कहा कि पर्यटन सीजन में किसी पीड़ित को अस्पताल ले जाने तक कितना समय लगता है इसको भी जांचा गया। इस अवसर पर पालिका ईओ राजेश नैथानी, दमकल विभाग के अधिकारी धीरज तड़ियाल, डाॅ. संतोष नेगी, एई टीएस रावत, वीरेंद्र बिष्ट, गोविंद सिंह नेगी, अमित बंगवाल आदि मौजूद रहे।