जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाले खतरे से निपटने के लिए फ्रांस के पेरिस में शुरू हुए शिखर सम्मेलन का होमवर्क 50 देशों के प्रतिनिधियों ने देहरादून में किया था।
भारतीय वन्य जीव संस्थान में जुटे इन प्रतिनिधियों ने इको सिस्टम सर्विसेज, वित्तीय संसाधन, प्रौद्योगिकी, परंपरा, जैव विविधता संरक्षण आदि बिंदुओं पर खाका तैयार किया था। विशेषताओं और कमियों की सूची भी यहां तैयार की गई थी। साथ ही यह भी तय कर लिया गया था कि जलवायु परिवर्तन के मामले में कौन सा देश किस विशेषज्ञता में दूसरे की मदद कर सकता है।
भारतीय वन्य जीव संस्थान में सितंबर में आयोजित बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने पहले सामूहिक रूप से जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, इको सिस्टम, जैव विविधता पर मंडरा रहे संभावित खतरों की समीक्षा की। इसके बाद प्रत्येक प्रतिनिधि ने अपने देश की जलवायु परिवर्तन की स्थिति, विशेषज्ञता और कमियों के संबंध में सूची तैयार की।