सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) की भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में बयान दर्ज न कराने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बयान दर्ज कराने न आने वाले अभ्यर्थियों के घरों पर पुलिस पहुंची। इसके बाद अभ्यर्थी बयान दर्ज कराने के लिए रोशनाबाद पहुंचे। पुलिस लाइन में दस अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए गए। जबकि फरार भाजपा नेता संजय धारीवाल अब भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) पटवारी पेपर लीक में 12 और एई-जेई प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पटवारी परीक्षा का पेपर लीक करने के बाद करीब 50 अभ्यर्थियों को बेचा गया था। वहीं, एई-जेई का लीक प्रश्नपत्र लगभग 40 अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था। एसआईटी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र करने के लिए गवाह के तौर पर अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर रही है।
पिछले कई दिनों से बयान दर्ज कराने में अभ्यर्थी ढील बरत रहे थे। बयान दर्ज न कराने आने की बात पता चलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित थाना और कोतवाली प्रभारियों को अभ्यर्थियों की सूची भेजकर दिशा-निर्देश दिए।
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इसके बाद पुलिस अभ्यर्थियों के घर पहुंची और उन्हें बयान दर्ज करने के लिए कहा। जिससे अभ्यर्थियों में हड़कंप मच गया। एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पेपर लीक प्रकरण में साक्ष्य संकलित कर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है