एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण मुरादाबाद (कटघर) एयरपोर्ट तैयार कराने में जुटा है। इसके कमीशंड (तैयार होकर डीजीसीए से लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने पर) होते ही पंतनगर में मौसम खराब होने की स्थिति में फ्लाइट रद्द नहीं की जाएगी, बल्कि मुरादाबाद डायवर्ट कर दी जाएगी। जहां से यात्रियों को टैक्सी से पंतनगर लाया जाएगा।
मुरादाबाद का रन-वे 2700 मीटर का है, जो बोइंग विमानों के उतरने और उड़ान भरने के लिए मुफीद है। रविवार को किसी कार्यक्रम में शिरकत करने मुरादाबाद पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वहां एयरपोर्ट की कार्य प्रगति का जायजा भी लिया।
मीडिया में विमान लैंडिंग को लेकर आधी-अधूरी जानकारी दी जा रही है। डीएमई बिल्कुल सही कार्य कर रहा है। जल्द ही मुरादाबाद का एयरपोर्ट तैयार होते ही फ्लाइट रद न करके मुरादाबाद में लैंड कराई जाएगी।
- एसके सिंह, डायरेक्टर-पंतनगर एयरपोर्ट
एयर नेविगेशन या रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन में ट्रांसपोंडर एक ऐसी डिवाइस है। जिस प्रकार मोबाइल में गूगल मैप ऐप नहीं होने से आप रास्ता नहीं जान पाते हैं। ठीक उसी तरह विमान में 60-70 लाख रुपये की लागत से ट्रांसपोंडर लगाया जाता है, जो डीएमई के सिग्नल से संपर्क कर पायलट को रन-वे की लोकेशन बताता है। सटीक लोकेशन पता चलने पर पायलट लो विजिबिलिटी पर भी विमान को सफलतापूर्वक लैंड कर देता है।
विमान की राहत कोहरे में बन रही आफत
समय बचाने के लिए यात्री विमान सेवा को तवज्जों देते हैं, लेकिन कोहरे की वजह से अब समय बचाने की कवायद ही यात्रियों के लिए आफत बन रही है। बीते दिनों पंतनगर आने वाली फ्लाइट एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के कारण नहीं उतर सकी तो उसे देहरादून में लैंड कराया गया। वहां से यात्रियों को टैक्सी के जरिए पंतनगर भेजा गया।
ऐसे में यात्री छह से आठ घंटे का सफर सड़क मार्ग से करके गंतव्य को पहुंचे। यही स्थिति पिथौरागढ़ विमान सेवा की भी है। बीते दिनों फ्लाइट कैंसल होने पर जब पिथौरागढ़ आने वाले यात्रियों ने हिंडन एयरपोर्ट पर हंगामा किया तो हेरिटेज के लोगों ने उन्हें टैक्सी से भिजवाया।