दून और मसूरी वन प्रभाग के कई क्षेत्रों में इन दिनों बाघ और गुलदारों की दहशत है। दोनों वन प्रभावों के कई गांवों में इन दिनों गुलदार व बाघ देखे जा रहे हैं। आलम यह है कि ग्रामीण गांव से बाहर निकलने में डर रहे हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों की अगुवाई में वनकर्मियों की टीम दिन-रात संवेदनशील गांवों में गश्त कर रही हैं।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी है। मसंदावाला, कोटरा संतोष समेत कई गांव में इन दिनों गुलदारों व बाघों की दहशत है। ग्रामीणों की मानें तो गुलदार, बाघ के गांवों में देखें जा रहे हैं। पिछले दिनों कोटरा संतोष, मसंदावाला के ग्रामीणों ने प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र लिखकर गुलदार, बाघों से बचाव की मांग की थी।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की अगुवाई में विभाग कर्मचारियों की टीमें संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। विभागीय टीमों द्वारा ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जगह-जगह बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
बाघों व गुलदारों को पिंजरे में कैद किया जा सके। इसके लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से अनुमति के लिए अनुरोध किया है। यदि किसी भी गांव में गुलदार, बाघ देखने की जानकारी मिलती है जिसकी तत्काल जानकारी विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।