श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह शास्त्री ने गोपाल सिंह के आरोपों को नकारते हुए कहा कि षड्यंत्र के तहत दूसरा पक्ष दबाव बनाकर अखाड़े की संपत्ति को कब्जा करना चाहता है। उन्होंने आशंका जताई कि कब्जा करने की नीयत से आए संतों के साथ शामिल असामाजिक तत्व उनकी हत्या भी कर सकते हैं।
उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि बीती रात से संतों के वस्त्र पहनकर अराजकतत्व अखाड़े के गेट पर बैठे हुए हैं। पुलिस प्रशासन उन्हें अब तक नहीं हटा पाया है। जबकि पुलिस के आला अधिकारियों को समय से सूचना दे दी थी।
महंत ज्ञानदेव सिंह ने कहा कि उनका स्वास्थ्य खराब है। अखाड़े के सभी सेवादार और अन्य संत इलाहाबाद कुंभ में गए हुए हैं। अखाड़े में कुंभ के लिए भेजी जाने वाली खाद्य सामग्री के अलावा पेशवाई का सामान अखाड़े में रखा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे भी अखाड़े में बंधक बना दिया गया। उन्होंने दूसरे पक्ष को राजनीतिक संरक्षण का भी आरोप लगाया। उन्होंने मांग उठाई कि प्रशासन को सख्त रवैया अपनाते हुए अखाड़े के गेट पर बैठे लोगों को तुरंत उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अखाड़े की संपत्ति को खुर्द बुर्द नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान महंत जसविंदर सिंह शास्त्री, महंत सतनाम सिंह, महंत खेमसिंह, महंत अनूप सिंह, संत सुखमन सिंह, संत सोहन सिंह, संत सुखदेव सिंह, संत सिमरनजीत सिंह आदि भी मौजूद रहे।