उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर शुरू हुई रार को थामने में पंचायती राज विभाग का रवैया सुस्त बना हुआ है।
कोर्ट के फैसले का इंतजार
विभाग चाहे तो हाईकोर्ट के निर्देश के अनुरूप डेढ़-दो महीने में वर्ष 2011 की जनसंख्या के हिसाब से परिसीमन कर सकता है। लेकिन ऐसा करने के बजाय दो दिसंबर को कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
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विभाग के पास वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़े उपलब्ध होने के बावजूद वर्ष 2001 की जनसंख्या के आधार पर सीटों का परिसीमन कर दिया गया।
इसके विरोध में जनप्रतिनिधि हाईकोर्ट पहुंचे तो कोर्ट ने वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का निर्देश दिया। लेकिन विभागीय अधिकारी हाईकोर्ट के निर्देश को भी टालते नजर आ रहे हैं।
अफसर गंभीर नहीं
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष एसपी देवली कहते हैं कि नए परिसीमन में मुश्किल से डेढ़ से दो महीने का वक्त लगेगा। लेकिन अफसर गंभीर नहीं हैं। कहा कि पंचायतें प्रशासकों के हवाले कर चुनाव लटकाने की कोशिश की जा रही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में महीनों से विकास कार्य ठप हैं।
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कोर्ट से स्थिति स्पष्ट होनी है। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उसके अनुसार काम किया जाएगा। रही नए परिसीमन की बात तो इसमें एक से दो महीने का समय लग जाता है।
- डीपी देवराड़ी, सहायक निदेशक पंचायत
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