गडोल स्थित परशुराम मंदिर की नई देव पालकी के साथ मौजूद कारीगर। स्रोत जागरूक पाठक
- सात किलोग्राम हुआ चांदी से बनी देव पालकी का वजन
- श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर सुख-समृद्धि के लिए कीं प्रार्थनाएं
साहिया। परशुराम देवता की नवनिर्मित पालकी को शाही स्नान के बाद मंदिर में विराजमान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं कीं।
गडोल गांव स्थित परशुराम मंदिर में देवता की पालकी को सवा तीन से बढ़ाकर सात किलोग्राम कर दिया गया है। चांदी से बनी देव पालकी का निर्माण क्षेत्र के जाने-माने कारीगर रमेश टम्टा ने एक माह में किया। पालकी के तैयार होने के बाद बुधवार की सुबह उसे हरिद्वार में शाही स्नान कराया गया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के रेणुका में रात्रि विश्राम के बाद बृहस्पतिवार की सुबह गडोल स्थित मंदिर परिसर में विराजमान कराया गया। देव पुजारी अमर सिंह राठौर व मंदिर समिति के अध्यक्ष चतर सिंह राठौर ने बताया कि पालकी को एक नवंबर की सुबह ग्यास पर्व पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। इस अवसर पर श्याम सिंह राठौर, रतन सिंह राठौर, पंडित मनोज उनियाल, अजीत जोशी, विक्रम सिंह चौहान, रमेश टम्टा आदि उपस्थित रहे।