छह माह तक मंदार के पुष्पों से ढकी रहेगी रुद्रनाथ जी की मूर्ति
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट होने के दौरान पौराणिक परंपरा के अनुसार भगवान की मूर्ति को मंदार (स्थानीय भाषा में बुखला) के फूलों से ढका जाता है। भगवान की मूर्ति छह माह तक 251 पुष्प गुच्छों से ढकी रहेगी। कपाट खुलने के दिन यह फूल भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटे जाते हैं।
शिव के मुख के होते हैं दर्शन
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ देश का एकमात्र ऐसा धाम है जहां पर भगवान शिव के मुख के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि पांडव जब स्वर्गारोहिणी की यात्रा पर जा रहे थे तब यहां पर पांडवों को भगवान शिव ने दर्शन दिए थे। तभी से यहां भगवान शिव के मुख के दर्शन होते हैं।