पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहने वाले प्रीतम सिंह परिवार के साथ वर्ष 2010 में भारत आ गए थे और देहरादून के सीमा द्वार में रहकर मेहनत मजदूरी करने लगे। परिवार में उनकी दो बेटी कविता शर्मा, काजल और बेटा जय कृष्ण है।
इसी बीच प्रीतम सिंह ने अपनी बेटी कविता शर्मा का वर्ष 2014 में रुड़की के सालियर निवासी सौरभ शर्मा से विवाह कर दिया। इस दौरान कविता को दो साल का बेटा कृष्णा और एक साल की बेटी वैष्णवी है। लेकिन आठ साल भारत में रहने के बाद भी कविता और उनके परिवार को भारतीय नागरिकता नहीं मिली है।
अब शादी और बेटा-बेटी होने के बाद कविता ने कुछ माह पूर्व आवेदन कर भारतीय नागरिकता मांगी है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी के यहां आवेदन किया है। महिला के आवेदन के बाद जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से मामले में जांच कराई जा रही है। दूसरी ओर, स्थानीय अभिसूचना इकाई भी अपनी ओर से महिला के आवेदन पर जांच पड़ताल कर रही है।
पाकिस्तान से भारत आईं कविता बताती हैं कि पाकिस्तान में हिंदू परिवारों के साथ सही व्यवहार नहीं होता। वहां हिंदू परिवार अपने त्योहार घर के अंदर मनाते हैं जबकि भारत में ऐसा नहीं है। यहां सभी धर्मों के परिवार एक-दूसरे के साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं। पाकिस्तान में सही व्यवहार नहीं होने के कारण ही उनका परिवार वर्ष 2010 में भारत आ गया था। उन्होंने बताया कि अब वह भारत के हैं और हमेशा यही रहेंगे।
सरकार और प्रशासन पर पूरा विश्वास
कविता शर्मा ने बताया कि उन्हें भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन पर पूरा विश्वास है कि वह उन्हें भारतीय नागरिकता जल्द प्रदान करेंगे। इसी आस में उनका परिवार पिछले आठ साल से इंतजार कर रहा है। अब उनका देश भारत है और वह यहीं रहकर पूरा जीवन व्यतीत करेंगे।
पाकिस्तानी महिला की ओर से देश की नागरिकता मांगी गई है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जांच भी की गई है। जांच किस स्टेज में है, इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।
- रिधिम अग्रवाल, एसएसपी हरिद्वार