उन्होंने सरकार तीनों तीर्थ स्थलों में जाने की अनुमति मांगी है। कहा कि भारत में हमें बहुत सम्मान मिल रहा है। जत्थे में अपने परिवार संग बए 10 वर्षीय प्रेम ने कहा कि भारत में उनकी नानी नाना रहते हैं। हम उनसे मिलना चाहते हैं लेकिन वीजा में चिन्हित स्थलों के अलावा अन्य स्थानों में जाने की अनुमति नहीं है जिस कारण वह अपनी नाना नानी से नहीं मिल पा रहे हैं।
बलूचिस्तान के रोशनलाल ने कहा कि बंटवारे के बाद हमारे परिवार के कुछ सदस्य भारत में रहे तो कुछ पाकिस्तान चले गए। मेरी मां भाइयों के साथ इंदौर में रहती है। साल दो साल बाद मिलना होता है। कभी वह हमसे मिलने पाकिस्तान आती है तो कभी हम उनसे मिलने आते हैं।
मसूरी गुरुद्वारा ट्रस्ट समिति के संयोजक कैप्टन कमलजीत सिंह ने बताया कि समिति की ओर से जत्थे को सिंध प्रांत के जिला करमपुर स्थित श्री गुरु अर्जुनदेव गुरुद्वारा में चढ़ाने के लिए चादर भेंट की सिरोपा भेंट किया गया।