सहारनपुर-रुड़की, लक्सर-नजीबाबाद मार्ग पर ट्रेनों में होने वाली आपराधिक गतिविधियां पुलिस-प्रशासन के लिए सिरदर्द बन रही हैं। इस रूट पर अक्सर यात्रियों से लूट, महिलाओं से छेड़छाड़, टप्पेबाजी की घटनाएं होती रहती हैं।
पुलिस ने अब इन घटनाओं पर अंकुश के लिए पीएसी तैनात करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था इसी सप्ताह से लागू कर दी जाएगी।
बढ़ी हैं लूटपाट की घटनाएं
सहारनपुर से लेकर नजीबाबाद तक का रेल मार्ग अपराध की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। तीन माह पहले सहारनपुर से चढ़े अपराधियों ने रुड़की, लक्सर और नजीबाबाद के बीच में दो कोच में सवार यात्रियों को बंधक बनाकर लाखों के जेवर, नकदी और अन्य सामान लूट लिया था।
यात्रियों ने इस संबंध में नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिछले सप्ताह मुजफ्फरनगर के एक यात्री अरविंद को घायल कर लूटपाट की गई थी। दो दिन पहले भी ऋषिकेश-बांदीकुई ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट तथा मारपीट की घटना हुई थी।
रोज जाती हैं 54 गाड़ियां
इसके अलावा भी मारपीट तथा महिला यात्रियों से छेड़छाड़ की घटना आम बात है। कई बार यह मुद्दा पुलिस अधिकारियों की बैठक में उठा, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। लक्सर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 54 रेलगाड़ियां गुजरती हैं जबकि रुड़की रेलवे स्टेशन से 60 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें से अधिकतर में सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती।
सीओ लक्सर लोकजीत सिंह ने बताया कि अब रेल गाड़ियों में अपराध रोकने के लिए पीएसी तैनात की जा रही है। हर रेलगाड़ियों में पीएसी के जवानों की टुकड़ी तैनात रहेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात हो गई है। यह व्यवस्था इसी सप्ताह से लागू की जाएगी।