नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में पिटबुल के पालतू कुत्ते पर झपटने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार चल गए। आरोप है कि हमले में शहर कोतवाली में तैनात दरोगा नवीन भारद्वाज और उनके बेटे के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। दरोगा के सिर पर छह टांके लगे, जबकि उनके बेटे के सिर पर भी चार टांके लगाने पड़े। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के अनुसार दो जुलाई को नवीन भारद्वाज अपने परिवार के साथ छह नंबर पुलिया स्थित आदर्श कॉलोनी में पोते के मुंडन समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने पालतू कुत्ते को चेन से बांधकर गाड़ी की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोसी धर्मेंद्र प्रसाद भट्ट का पिटबुल घर के गेट से बाहर निकल आया और उनके कुत्ते की गर्दन पर झपट पड़ा।
काफी प्रयास के बाद दरोगा और उनके बेटे ने दोनों कुत्तों को अलग कराया। आरोप है कि इस दौरान जब उन्होंने पिटबुल को नियंत्रित रखने की बात कही तो कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दूसरे पक्ष के लोग घर से लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर बाहर आ गए। हमलावरों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दरोगा नवीन भारद्वाज के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने पहुंचे उनके बेटे पर भी हमला कर दिया गया, जिससे उसके सिर पर भी गंभीर चोट आई है। दोनों घायलों को उपचार के लिए दून अस्पताल ले जाया गया।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान दरोगा के गले से सोने की चेन भी गायब हो गई, जिसे उन्होंने लूटे जाने की आशंका जताई है। पीड़ित ने धर्मेंद्र प्रसाद भट्ट, अंकित भट्ट, महेंद्र भट्ट, अंजलि भट्ट, उनकी पत्नी तथा 5-6 अज्ञात लोगों पर हमला, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और लूट का आरोप लगाया है। नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत आई है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
खूंखार कुत्तों को घर से बाहर लाने के हैं नियम
देहरादून नगर निगम के नियमों के अनुसार पिटबुल जैसे खूंखार कुत्ते पालने के लिए कम से कम 300 वर्ग गज का घर होना अनिवार्य है। छोटे घरों में इन्हें पालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। घर से बाहर निकालने के दौरान चैन और मजल (मुंह पर लगने वाला गार्ड) पहनाना जरूरी है। बताया जा रहा है सरेराह पालतू कुत्ते पर हमला करने वाले खूंखार पिटबुल को पालने वाले मालिकों ने नगर निगम के नियमों का भी उल्लंघन किया है। खूंखार पिटबुल के मुंह पर मजल लगा होता तो वह दूसरे कुत्ते पर हमला नहीं कर सकता था।