शराब के तय शुल्क से ज्यादा वसूली (ओवर रेटिंग) और अन्य गड़बड़ियों को दूर करने के लिए नियम भले सख्त हो चुके हैं, लेकिन अभी भी शराब दुकानदार पूरी मनमानी कर रहे हैं। यह खुलासा आबकारी मुख्यालय की ओर से नियुक्त विशेष जांच दल की रिपोर्ट में हुआ है।
जांच दल ने करीब 50 ठेकों का औचक निरीक्षण किया, जिनमें 35 से ज्यादा ठेकों पर ओवर रेटिंग, मूल्य सूची नहीं लगाने, शिकायती नंबर गलत दर्ज करने, सीसीटीवी खराब होने समेत तमाम अनियमितताएं मिली हैं।इसी साल नई आबकारी नीति में ओवर रेटिंग पर लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान किया गया है। इसमें पहले सिर्फ जुर्माने का प्रावधान था, इसलिए सभी ठेके वाले ओवर रेटिंग करते थे और अभी भी सुधार नहीं हुआ है।
जनपदवार अनियमितताओं का खुलासा
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिला आबकारी अधिकारी ने सभी अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट आवश्यक कार्रवाई के लिए आयुक्त को भेज दी है। ये रिपोर्ट ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल जिले के शराब ठेकों पर तैयार हुई है। यह औचक निरीक्षण आबकारी आयुक्त हरिचंद्र सेमवाल के आदेश पर एक से तीन मई के बीच हुआ। जिला आबकारी अधिकारी एनआर जोशी की रिपोर्ट में जनपदवार अनियमितताओं का खुलासा है।
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ऊधमसिंह नगर में ओवर रेटिंग, मूल्य सूची का चस्पा न होना, बिलिंग मशीन का न होना या खराब होना, स्टॉक पंजिका उपलब्ध नहीं कराना या अधूरी होना, क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक का नंबर अंकित न होना, शिकायत पेटी या शिकायत क्यूआर कोड का न होना, अग्निशमन यंत्र नहीं होना, सीसीटीवी कैमरे खराब होना जैसी खामियां मिली हैं। कई दुकानों में ग्राहकों को बिल तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था।