वन विकास निगम में आउटसोर्स पर रखे गए 300 से अधिक कर्मियों के मामले में राज्य निगम कर्मचारी, अधिकारी महासंघ की शिकायत पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रमुख सचिव वन को पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने को कहा है।
अपनी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले 30 अगस्त को एमडी रहे केएम राव ने 306 आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्ति के आदेश दिए थे, लेकिन अगले ही दिन अपने ही आदेश को पलटते हुए हटाए गए कर्मियों को पुन: बहाल कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में राज्य निगम कर्मचारी, अधिकारी महासंघ ने वन मंत्री सुबोध उनियाल से शिकायत की थी।
बाहरी प्रदेशों के अधिकतर कर्मचारी
उन्होंने कहा था कि वन विकास निगम में 1700 कर्मिकों का ढांचा स्वीकृत है। इनमें से मात्र 800 कर्मचारी सेवारत हैं। बाकी को आउटसोर्स पर रखा गया है। कार्मिकों की फील्ड में आवश्यकता है, लेकिन आउटसोर्स कार्मिकों को कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर या चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रखा गया है। महासंघ का आरोप है कि आउटसोर्स पर लगाए गए अधिकतर कर्मचारी बाहरी प्रदेशों के हैं, जो जांच का विषय है।
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शिकायत का संज्ञान लेते हुए वन मंत्री ने प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु को पूरे प्रकरण की जाएं कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। संपर्क करने पर वन मंत्री ने कहा कि आज-कल में वन विकास निगम के नए एमडी की नियुक्ति भी हो जाएगी। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से दिखवाया जा रहा है।