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कुनबे को सहेजने की चुनौती से जूझ रहे सीएम रावत, नाराजगी पड़ रही भारी

Thu, 22 Dec 2016 03:20 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
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हरीश रावत - फोटो : file photo
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दस विधायकों के कांग्रेस छोड़ने के बाद अपने कुनबे को सहेजने में लगे सीएम की चुनौतियां कम होती नहीं दिख रही। टिकट नहीं मिलने का सीएम से आश्वासन नहीं मिलने से नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में आधा दर्जन नेता कांग्रेस दल या तो दल का साथ छोड़ चुके हैं या फिर सीएम के राज्य और कैबिनेट मंत्री के दर्जे को ठुकरा चुके हैं।
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अपने क्षेत्रों में बड़ा कद रखने वाले यह नेता टिकट से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर पार्टी को अपनों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है।

दस विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने की संभावना पर पार्टी छोड़ने का सिलसिला बना हुआ है। जो नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, उनका अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनाधार है। हरिद्वार ग्रामीण से इरशाद ने पार्टी छोड़ी। वर्ष 2012 में इरशाद दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि उन्हें 21 हजार से अधिक मत मिले थे।
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नाराजगी थामने में फूल रहा पार्टी का दम

मुख्यमंत्री हरीश रावत। - फोटो : AmarUjala
सितारगंज विधानसभा क्षेत्र से नेता राम नगीना ने पार्टी छोड़ दी। बताया जा रहा है कि नगीना भी टिकट दावेदारों में थे। हरिद्वार से पूर्व सांसद राजेंद्र बाड़ी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। यमुनोत्री से केदार रावत भाजपा के संपर्क में हैं, जिन्हें मनाने में पार्टी का दम फूला हुआ है।

टिहरी से कांग्रेस नेता भगत बिष्ट नाराज होकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। टिकटों को लेकर पार्टी में बढ़ती नाराजगी को रोकने के लिए सीएम रूठों को कैबिनेट और राज्य मंत्रियों का दर्जा दे रहे हैं, लेकिन कुछ नेता तो बत्ती से भी इंकार कर रहे हैं। किसान आयोग में राज्यमंत्री से नवाजे यशवीर सिंह ने चार्ज लेने से इंकार कर दिया।

चौधरी यशवीर खानपुर से टिकट चाहते हैं। उधर खानपुर विधानसभा से टिकट की उम्मीद लगाए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह साफ कर चुके हैं कि टिकट नहीं मिलने पर वह पार्टी को ढोएंगे नहीं।
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किशोर के करीबी भी हैं नाराज

किशोर उपाध्याय - फोटो : file photo
राजेंद्र चौधरी की चेतावनी के बाद किसान आयोग का अध्यक्ष उन्हें बना दिया गया। भाजपा से आए पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी भी मिले दर्जे से संतुष्ट नहीं हैं। धनौल्टी से टिकट की दावेदार पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट को दो दिन पहले कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।

किशोर के करीबी माने जाने वाले बिष्ट की नाराजगी यमुनोत्री विधायक और कैबिनेट मंत्री प्रीतम पंवार से है, जो अपने क्षेत्र से पलायन कर धनौल्टी में ताल ठोक रहे हैं। मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष के करीबी माने जाने वाले पार्टी प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी को भी राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया।
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