वहीं, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, मैक्स अस्पताल और सिनर्जी अस्पताल में एक-एक मरीज का उपचार पहले से चल रहा है। उन्होंने बताया कि दो संदिग्ध मरीज दून अस्पताल में भी भर्ती हैं। उनके सैंपल भी जांच के लिए एनसीडीसी भेजे गए हैं।
इससे पहले सात मरीजों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। तीन जनवरी को मैक्स अस्पताल में पहले मरीज की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। उसके बाद छह मरीजों की मौत श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में हो चुकी है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य इन्फ्लूएंजा के लक्षणों की तरह ही होते हैं।
1. बुखार
2. तेज ठंड लगना
3. गला खराब हो जाना
4. मांसपेशियों में दर्द होना
5. तेज सिरदर्द होना
6. खांसी आना
7. कमजोरी महसूस करना आदि लक्षण इस बीमारी के दौरान उभरते हैं।
स्वाइन फ्लू से संक्रमित रोगियों की देहरादून में मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऊधमसिंह नगर जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला और ब्लॉक स्तर पर रेपिड रिस्पांस टीम को सचेत कर दिया है। एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय टीम गठित कर एसीएमओ डॉ. खन्ना, फिजिशियन डॉ. गौरव अग्रवाल और पैथोलॉजिस्ट डॉ. आरबी वर्मा को इसमें शामिल किया। प्रभारी सीएमओ डॉ. उदय शंकर ने जिला अस्पताल के पीएमएस, एलडी भट्ट संयुक्त चिकित्सालय काशीपुर व नागरिक अस्पताल खटीमा के अधीक्षकों के साथ ही सभी सीएचसी व पीएचसी केलाखेड़ा, नारायण नगर प्रभारियों को भी पत्र लिखकर स्वाइन फ्लू के संक्रमित मरीजों के पहुंचने पर उपचार व सूचना देने को कहा है।
साथ ही सरकारी स्कूलों के प्रिसिपल को भी इसकी सूचना देते हुए कहा कि किसी विद्यार्थी के संक्रमित होने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। कहा कि स्वाइन फ्लू का जिले में अभी तक कोई भी मरीज नहीं मिला है। मरीजों के उपचार के स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त दवाएं व उपचार की पूरी व्यवस्था है। टीम स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। बता दें कि पिछले वर्ष फरवरी में स्वाइन फ्लू से पीड़ित अलाइंस सिटी निवासी एक महिला की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।